नरभक्षी (Cannibal)

नरभक्षी (Cannibal) – यह घटना 1.20 लाख साल पुरानी है, जब इंसान को खेती अनाज इन के बारे में कोई समझ नहीं थी, तब इन्सान मांसाहार पर ही अपना जीवन बिताते थे!

नरभक्षी (Cannibal) मतलब वह मानव जो एक दूसरे को मारकर खाते है, सदियों से यह हमारी मान्यता रही है प्राचीन समय में इस धरती पर अलग अलग हिस्सों में कई मनुष्य समुदाय नरभक्षी (Cannibal) थे इसके कोई ठोस सबूत हमारे पास नहीं थे वर्तमान समय में यदा-कदा इनके अवशेष पाए गये है

नरभक्षी (Cannibal)बनने का कारण जलवायु परिवर्तन

मनुष्य का नरभक्षी (Cannibal)बनने का कारण जलवायु परिवर्तन होगा यह किसने सोचा होगा परंतु लाखों साल पहले इस तरह की घटना घटित हुई थी!

यह घटना France की एक गुफा की है जिसमें 6 निएंडरथल मानव के कंकाल, कपाल, जबड़े हड्डीयो का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक को द्वारा ये इस निष्कर्ष तक पहुंचे हैं

General of Archaeological Sciences मैं प्रकाशित research के अनुसार धरती पर लगभग 1.20 लाख साल पहले रहने वाले निएंडरथल मानव वायु परिवर्तन के सबसे और भयानक डोर का शिकार हुए थे

धरती पर Global warming के कारण जानवरों का वजूद खत्म हो गया, खेती से अनजान, मांस पर अपना जीवन बिताने वाले मनुष्य, जिंदा रहने के लिए एक दूसरे को मारकर खाना शुरू कर दिया!

France की गुफा में मिलने वाले ने निएंडरथल मानव के कंकाल, खोपड़ी, पर उन्हीं की प्रजाति के लोगों के दांत के निशान पाए गए, इन 6 मनवो के कंकाल में से 2 व्यस्क, 2 किशोर, और 2 बच्चो की हड्डियां शामिल मिली है!

फ्रांस नेशनल सेंटर ऑफ साइंटिफिक रिसर्च कि वैज्ञानिकों के अनुसार इनकी हत्या भूख मिटाने के लिए की गई थी

जलवायु से बदल रही थी धरती

France की मौलागुसेरि गुफा में इसके अवशेष पाए गए, करीबन लाखो साल पहले धरती हिम-युग से अधिक गर्म जलवायु में परिवर्तित हो रही थी!

लगातार तेज गर्मी के करण सभी पशु मारे गये, मानव के पास पेट भरने के लिए साधन नही होने के कारण नरभक्षी (Cannibal) बना!

अपने साथियों को देते थे न्योता दावत के लिए –

NCRS के निर्देशक डॉक्टर अल्बान डेफ्लैश के अनुसार हमारे अध्ययन से साबित होता है कि यूरोप में निएंडरथल नरभक्षण करने वाले पहले मनुष्य थे! विश्लेषण में यह भी पता चला है कि हत्या के बाद दावत के लिए अपने साथियों को भी invite किया इसके अलावा निएंडरथल ने अपने मृतक रिश्तेदारों के अवशेषों को उपकरण के रूप में भी इस्तेमाल किया!

अब वैज्ञानिकों ने सबूत सहित ये साबित कर दिया है कि इंदौर में हमारे पूर्वज नरभक्षी (Cannibal) थे! और इंसानों द्वारा एक दूसरे को मार कर खाना इनके लिए normal बात थी!

वैज्ञानिकों के खोज के अनुसार मानव की हड्डियों पर दांत के निशान पाए गए जो सिद्ध करता है कि मनुष्य नरभक्षी (Cannibal) एक दूसरे को मारकर अपना पेट भरते थे इस तरह अपना जीवन बिताते थे!

Radio Carbon Dating Technologies

वैज्ञानिकों को जो अवशेष प्राप्त हुए उन पर कई सालों के अध्ययन से उन्होंने यह सिद्ध किया की उस समय के लोग नरभक्षी (Cannibal) हुआ करते थे, रेडियो कार्बन डेटिंग नामक टेक्नोलॉजी से साइंटिस्ट को यह मालूम चला है कि गुफाओं में मिले मानव अवशेष करीब 100000 साल पुराने हैं वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों को काटने मांस और हड्डिया चबाने के भी सबूत मिले हैं वैज्ञानिकों का लगातार से अध्ययन करने के बाद कहा जा रहा है कि पूर्वजों के बीच इंसानों का मांस खाना आम बात थी

इस सदी की नहीं मिलती है कब्र

इस सदी की कब्र नहीं पाई जाती है, अध्ययन के अंदर शामिल वैज्ञानिक  यह कहते हैं कि इस सदी की खास बात यह भी है कि इस समय में मानवो की  कब्र नहीं मिलते हैं इससे इस बात का indication मिलता है मानवो के मांस को खा लिया जाता था और रिसर्च से यह बात भी सामने आई है कि इंसानों के अवशेष दूसरे घरेलू अवशेष के साथ ही पाए गए!

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