जायफल

  • Hindi name -जायफल
  • English name – nutmeg(नट्मेग)
  • संस्कृत नाम- जातिफल
  • लैटिन नाम- myristica fragans
  • स्थानीय नाम- जायफल

 

पहचान– लोग इसे जायफल के नाम से जानते है| यह फल गोल आकार का होता है जायफल के छाल से कुछ लाल रंग का गुच्छे के आकर का निकलता है ‘इस red color वाले को जावित्री कहते है’ इसका रंग कुछ समय के बाद yellow हो जाता है यह दोनों जायफल और जावित्री एक ही पोधे से प्राप्त होते है|

व्यापार में  इसकी दो प्रजाति use में ली जाती है-

  • East Indian
  • West Indian

यह प्राय इंडोनेशिया और ग्रीनाडा द्वीप से प्राप्त की जाती है यह पोधे 7 वर्ष से लेकर 70-80 वर्ष तक फल देते है

गुण– लग, तीक्ष्ण

रस– तिक्त, कटु

विपाक-कटु

वीर्य– उष्ण

हानिकारक-  अधिक मात्रा में जायफल का प्रयोग करने से मादक प्रभाव पड़ता है जिससे चक्कर आना, बांझपन, वीर्य का पतला होना, नपुसंकता आना, साथ ही lungs और liver पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है|

 मात्रा(dose)- चूर्ण½ gm

तेल – 1-3 बूंद

उपयोग

जायफल का प्रयोग cough, कफ में, दमा और vomiting में किया जाता है

विष का नाश करता है

मुख को शुद्ध करता  है

जड़ता को दूर करता है

 

विशेष रोगों में प्रयोग-

                                अतिसार (diarrhea)और खासी में- जायफल+सुपारी+छुहार तीनो को घिसकर देने से  खासी और अतिसार (diarrhea) में आराम मिलता है

मुख दुर्गन्ध को दूर करता है

liver को उत्तेजित करता है

कालेपन को दूर करता है

पाचन क्रिया को तंदरुस्त बनता है

हिचकी में-

– जायफल को तुलसी के रस में पिस कर , 1 tsp(चम्मच) की मात्रा में खाये, इससे हिचकी बंद हो जाती है

-चावल के पानी में जायफल को पिस ले फिर इसको पिये, इससे हिचकी बन्द हो जाती है

बच्चों के दस्त में –

-जायफल में गुड मिलाकर उसकी छोटी छोटी गोलिया बनाकर 1-1 गोली को 2 घंटो के अन्तराल में खाने से कब्ज और constipation के कारण होने वाले diarrhea  ठीक हो जाते है

-जायफल को घिसकर चटाने से बच्चो के दात निकलते समय होने वाले दस्त ठीक हो जाते है

मुंहासो के लिए-

नित्य  जायफल को कच्चे दूध के साथ पिस कर लगाने से pimpal और dark spotes पूरी तरह से साफ हो जाते है|

और चेहरे पर glow आता है, इसके लिए जायफल को कच्चे दूध में पिस कर पुरे चहरे पर लगा कर कुछ समय के लिए रहने दे फिर normal water से धोना चाहिए, इस क्रिया सुबह शाम दो बार उपयोग कर|

 

भूख ज्यादा लगने पर-

जायफल का चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम प्रयोग में ले, इससे अधिक भूख नही लगती है

 

गुठनो में दर्द की शिकायत होने पर-

4 भाग सरसों का तेल और एक भाग जायफल का तेल दोनों के मिला कर 2-3 mint तक मालिश करे इससे pain, swelling, और मोच में आराम मिलता है|

 

दांतों के किडो में-

दातो में कीड़ो की सिकायत होने पर, जायफल का तेल लगाने से दांतों के कीड़े मर जाते है और दांतों के दर्द में आराम मिलता है|

गस्टिक प्रॉब्लम-

-जायफल और सोंठ को मिला कर चूर्ण बना ले, इस चूर्ण का प्रयोग खाना खाने के बाद में थोडी मात्रा में लेने से गैस की समस्या से आराम मिलता है|

-निम्बू के रस के साथ जायफल को पिस ले और इसे चाटने से पेट की गेस से आराम मिलता है|

सर्दी जुखाम में-

-गर्म दूध में एक चुटकी भर जायफल चूर्ण मिलाकर पिने से सर्दी जल्द ठीक हो जाती है और शारीर में गर्माहट बनी रहती है, लगातार सर्दी के दिनों में इसका सेवन करने से सर्दी नही होती है

-जायफल का लेप nose, nostile, और chest पर मलने से सर्दी में शीग्र आराम मिलता है जायफल का लेप पानी में घीसकर बनाया जा सकता है

 

नींद की सिकायत में –

-गोघृत के साथ जायफल घिसकर लेप बनाये और इसे पैर के तलवो में लगाने से पर और पलकों पर लगाने से अच्छी नींद आती है

अत्यधिक प्यास में-                         

-आधिक प्यास लगने पर जायफल का टुकड़ा ले कर उसे मुह में रखे इससे अधिक प्यास में लाभ मिलता है|

बहुमूत्र रोग में-

-सफेद मुसली और जायफल को सामान मात्रा में ले कर भांकी की तरह ले, इससे polyuria बहुमुत्रता की समस्या ठीक हो जाती है|

 

 

 

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