http://mrvisioncare.com/wp-content/uploads/2018/07/chhach-pakwangali_520_042118111752.jpg

              छाछ में छुपे सेहत के राज 

 छाछ में छुपे सेहत के राज………..छाछ– दही को मथने के बाद उसमे से माखन को अलग करने के बाद को शेष बचता है वह हिस्सा छाछ कहा जाता है, छाछ (chhachh)  दूध , दही आदि हमारे पारम्परिक भोजन का हिस्सा हैं। ये सभी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है लेकिन छाछ कब पीनी चाहिए , कैसे पीनी चाहिए और कितनी पीनी चाहिए यह जानना भी जरुरी है।

छाछ का आयुर्वेद में वर्णन-  छाछ की तुलना अमृत के सामान की गयी है, यह हमारे शारीर में anti-toxin की तरह काम करती है शरीर के toxin और विजातीय तत्वों को शरिर से बाहर निकलती है और immunity को भी बडाती है|

छाछ में कैलोरी और वसा दोनों बहुत ही कम पाया जाता है। छाछ में calcium, potassium, विटामिन-B12 , रोइबोफ्लैविन और phosphorus आदि तत्व पाए जाते है| ये सभी तत्व diagestion ठीक करते है

विशेष रोगों मे लाभकर – संग्रहणी, खासी, बवासीर

नित्य प्रयोग के फायदे- healthy and strong body के लिए नित्य छाछ को use में लेना चाहिए, शरिर की extra fat को बड़ने से रोकती है|

छाछ न सिर्फ शरीर के लिए बल्कि चहरे के निखार को भी बडाता है daily use करने से चेहरे में चमक और ताजगी आती है|

नित्य सेवन से लाभ –

आँखे स्वस्थ और रौशनी तेज होती है

खाना खाने के बाद यदि छाछ का use किया जाता है तो यह वीर्य को बढाने वाली होती है 

आईये जानते है छाछ के अनेक अनजाने और छुपे हुए  फायदे जो आपके  healthy life और fitness  को बनाये रखते है और लम्बी आयु को प्राप्त करने में केसे सहायक है 

गर्मियों में विशेष लाभ- छाछ ठंडक बनाये रखता है, छाछ पिने से गर्मी के मोसम में ताजगी बनी रहती है साथ ही गर्मी के मोसम में लू से बचने के लिए छाछ का प्रयोग करना बहुत फायदे मंद रहता है

time– छाछा का use दिन के खाने के बाद करना सबसे best माना है night में छाछ का use नही करना चाहिए|

piles में उपयोग   piles का रामबाण इलाज छाछ के द्वारा किया जाता है छाछ का use piles में करने से piles की problem में आराम मिलता है

आयुर्वेद के अनुसार piles(अर्श) का मुख्य कारण अग्नि दुष्टि होता है, इससे मांस और रक्त धातु दूषित होकर piles को उत्पन करते है, यदि piles को समूल नष्ट करना है तो उसके लिए अग्नि को दीप्त करना महत्वपूर्ण है| छाछ से दीपन पाचन होता है यह आम को पचाता है और अग्नि को दीप्त करता है जिससे piles की problem का जड़ से ख़त्म हो जाती है|

-इसके लिए एक ग्लास छाछ में 1 tsp भुना हुआ जीरा और थोडा सेंधा नमक को मिलाकर रोजाना पिये इससे piles की problem जड़ से खतम हो जाती है

leukorrhea (श्वेतप्रदर)- आधे ग्लास छाछ में चावल का मंद मिलाये, इसका use रोजाना करें इससे श्वेतप्रदर की समस्या से छुटकारा मिल जाता है |

diagastion– आयुर्वेद के अनुसार छाछ दीपन पाचन की तरह काम करती है|

नित्य इसका use करने से पचनाग्नि की वृद्धि होती है, अपच की समस्या से छुटकारा मिलता है| यह आसानी से पचने वाला पेय है साथ ही यह भोजन के पाचन में भी लाभदायक है|

पेट की अन्य समस्या का इलाज भी छाछ द्वारा आसानी से किया जाता है जेसे की- पेट का भारीपन, आफरा (distansion), भूख न लगना (anorexia), burning sensation आदि का इलाज छाछ से आसानी से किआ जा सकता है इन सब समस्या के लिए भुना हुआ जीरा,सेंधानामक और मारीच(करिमिर्च) इन सभी को मिलाकर छाछ में डाल कर पिने से बहुत लाभ मिलता है

पीलिया में- पीलिया में treatment के लिए 10 gm हल्दी को एक कप छाछ में मिलाकर दिन में 3-4 बार पिने से फायदा मिलता है

diarrhea में- diarrhea के इलाज के लिए छाछ में सोफ़, जीरा, धनिया

सभी को चूर्ण कर आधा चम्मच की एक ग्लास छाछ में मिला ले फिर उसमे थोड़ी मात्रा में सेंधानमक़ मिला कर पिये, इससे दस्त में तुरंत आराम मिलता है|

नशे को कम करने में- खट्टी छाछ पिने से शराब का नशा उतर जाता है

fitness के लिए- यदि रोजाना छाछ का use खाने के बाद किया जाता है तो यह पाचन को बढाता हे जिससे मोटापे के आसार कम होते है और शरीर स्वस्थ और सुन्दर बनता है

healthy gallbledder के लिए – छाछ के प्रयोग से gallbladder स्वस्थ रहता है, अपने काम सही तरह से करता है तथा gallstone की समस्या भी दूर होती है| तथा इसके स्वस्त बनाये रखने के लिए छाछ के साथ 10 gm अजवायन और 10 gm गुड मिला कर use में लेना चाहिए

blood pressure में-  छाछ में bioactive protine छाछ में बहुत अधिक मात्रा में होता है इस वजह से छाछ blood pressure को कम करने में कारगर साबित होती है साथ ही छाछ antibacterial और antiviral nature की होती है, daily छाछ का सेवन करने से blood pressure control रहता है और इसके साथ ही heart diseases की सम्भावना भी नही होती है

cholestrol को कम करने में-  छाछ का सेवन प्राचीन काल से चला आ रहा है पुराने ज़माने के लोगो के सेहत का राज तथा १०० वर्ष की आयु को पार करने का राज उनके खान-पान में छुपा हुआ है

छाछ के नित्य प्रयोग से शारीर में उपस्थित cholestrol को यह प्राकृतिक ढंग से कम करता है  तथा यह एक प्राकृतिक ओषधि की तरह कार्य करता है सेहत को संतुलित बनाये रखने के लिए नित्य छाछ का use करना चाहिए

acidity में- वर्तमान में खाए जाने वाले खाध्य पदार्थ विशेष रूप से विभिन्न मसालों और चटपटी चीजो से बनाये जाते है  इस प्रकार के खान-पान के कारण आज कल पेट की समस्या दिन बदिन बढती ही जा रही है

इससे छुटकारा पाने के लिए छाछ के बेहतरीन उपाय है, छाछ acid reflex को दूर करता है जिससे acidity नही होती है छाछ stomach के mucus layer की pH को maintane करता है|

ulcer के treatment में-

छाछ GIT linning में जमा होने वाले acid को nutral करता है जिससे ulcer से सुरक्षा मिलती

है साथ ही छाछ nature में ठंडी होने से शीतलता बढाती है जिससे acid कम फेलता है और ulcer की सम्भावना कम होती है छाछ के प्रयोग से सभी पेट सम्बन्धी समस्या दूर होती है|

 

 

skin care में- रोजाना हमारे शारीर में अनेक toxin eliments जमा होते रहते है जो हमारे skin को बेजान बनाते है छाछ के नित्य प्रयोग से ये toxin धीरे धीरे शरीर से बहार निकल जाते है , साथ ही यह त्वचा को moisturize करता है जिससे त्वचा healthy और चमक बनी रहती है

साथं ही इसमें probiotic lactice acid होता है जो की facial mask के रूप में use होता है इससे age के साथ बढने वाली झुर्रियो को कम करता है तथा छाछ का रोजाना प्रोयोग करने से त्वचा कई सालो तक जवा और सुन्दर बनी रहती है|

 

छाछ बनाने की विधि –

http://mrvisioncare.com/wp-content/uploads/2018/07/1bba3b9920383772c327fd139b69f911.jpg

step 1- सबसे पहले दही को ले, फिर उसमे पानी मिला कर अच्छे से मथेले |

step 2- फिर उसमे से माखन, जो उपर की सतह पर जम जाता है उसे अलग निकल ले,

step 3- बचे हुए तरल को निकल कर छान ले, इसे छाछ कहते है, इसका use पिने के लिए करे|

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *