उलटी घडी

क्या है उलटी घडी का राज ?

उलटी घडी – कहते है समय किसी के लिए नहीं रुकता, पल-पल आगे बढने वाला यह समय अगर उलटी दिशा में गुमने लगे तो आप इसे क्या कहेगे, यह बात गुजरात के दहोत गाव की है जहा के लोग उलटी दिशा में गुमने वाली घडी का इस्तमाल समय देखने के लिए करते है,

उलटी घडी

आदिवासी समुदाय का मानना है की हम जिस घडी का प्रयोग करते आये है वो गलत है, इन लोगो ने सालो पहले इस घडी का इस्तेमाल करना बंद कर दिया ये लोग अब उलटी घडी देखते है!

उलटी घडी का कारण?

आदिवासी समुदाय का मानना है की यह घडी सम्पूर्ण जीव समुदाय को प्रकृति की अनुरूप जीने की सिख देती है, यह प्रकृति के अनुसार जीने के लिए इन्सान को प्रेरित करती है!

गुजरात के दहोत गाव के हर घर में उलटी दिशा में चलने वाली घडी का प्रयोग किया जाता है, यहाँ के हर घर की दीवारों पर केवल उलटी दिशा में चलने वाली घडी ही पाई जाती है!

यहाँ के स्कूलों में भी आदिवासी घडी के बारे में जानकारी बच्चो को दी जाती है, यहाँ के शिक्षक बच्चो को आदिवासी घडी की पूरी जानकारी देते है और इसका हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को समजाते है!

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आखिर क्यों बनायीं गयी उलटी घडी?

इन लोगो का मानना है की उलटी घडी से है इस दुनिया का मंगल हो सकता है, आदिवासियों का मानना है की दुनिया की ज्यादातर समस्या का कारण यही है की लोग उलटी गलत तरह की घडियो का इस्तेमाल समय देखने के लिए कर रहे है!

इन लोगों की घडी दाई से बायीं और चलती है, इसके अनुसार यही सही दिशा है, इनका कहना है कि जिस तरह पृथ्वी भी दायीं से बायीं ओर घूमती है. सूर्य, चंद्रमा और तारे भी उसी दिशा में घूमते हुए अंतरिक्ष की सैर करते हैं,

जल स्त्रोतों में पड़ने वाली भंवर भी दाई से बायीं ही होते है!

या किसी पेड़ के तले से लिपटी बेल भी दाई से बायीं और ही चडती है, उलटी घडी उन सभी की दिशा यही होती है. इतना ही नहीं शादी के समय फेरे लेते समय भी अग्नि के समक्ष दूल्हा- दुल्हन के सात फेरे भी दाहिने से बायीं ओर घूमकर पूरे किए जाते हैं,उलटी घडी

खेत जोतने वाले बेल जुताई के दोरान दाई से बायीं और गुमते है,ऐसे में अगर हमारी घड़ी क्यों उलटी दिशा में गुमती हैउलटी घडी

इस तरह से हमारी ही घड़ी उलटी दिशा में घूम रही है, इस कारण यहाँ के लोग दाई से बायीं और चलने वाली घडी का इस्तेमाल करते है

उनका यह मानना है की,इस तरह की घड़ी का प्रयोग करने से उन्हें उनके काम में तरक्की हासिल होती है,

उलटी घडी क्या बताती है?उलटी घडी

आदिवासी शब्द का अर्थ है जो आदि काल से निवास कर रहे है, आदिवासी लोग बरसों पुराने चले आ रहे रीती रिवाजो के साथ अपना जीवन जीते आ रहे है, आदिवासियों को सबसे प्राचीन जाती माना जाता है, यह लोग प्रकृति से जुड़े रहते है, इस कारण यह अपने जीवन की सभी क्रियाये प्रकृति के अनुसार ही करते है, इनका जीवन आज भी खेत-खलियान, पहाड़-तालाब, पशु-पलना खेती आदि कार्यो में व्यतीत करते है| यह लोग प्रकृति को बहुत नजदीकी से जानते और समजते है!

कहा बनती है ये घडिया ?

गुजरात के तापी नाम के जिले में आदिवासी घडिया बनायीं जाती है, लाल भाई के देख रेख में यह घडिया बनायीं जाती है, यहाँ से लगभग 15000 तक की घडियो बेचीं जा चुकी है! यह छत्तीसगढ़ और अन्य कई जगह पर इस तरह की घडियो का इस्तेमाल किया जाता है,

इस गांव में घड़ी चलती है उल्‍टी दिशा में

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